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उज्जैन में समावेशिता पर कार्यकारी विकास कार्यक्रम प्रारंभ (Executive Development Programme on Inclusiveness begins in Ujjain)

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dc.date.accessioned 2026-02-17T10:18:00Z
dc.date.available 2026-02-17T10:18:00Z
dc.date.issued 2025-07-15
dc.identifier.uri http://dspace.spab.ac.in:80/handle/123456789/2900
dc.description.abstract सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल / उज्जैन : विरासत नगर उज्जैन में समावेशिता का आकलन” विषय पर दो दिवसीय कार्यकारी विकास कार्यक्रम (ईडीपी) का शुभारंभ एमपीटी शिप्रा रेसिडेंसी, उज्जैन में हुआ। यह कार्यक्रम समावेशी शहरी विकास को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े पेशेवरों और हितधारकों को एक मंच पर लेकर आया है। यह दो दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया । यह कार्यक्रम भारत सरकार के आवास और शहरी कार्य मंत्रालय (एमओएचयूए) के अमृत मिशन 2.0 के अंतर्गत “उज्जैन में समावेशी गतिशीलता के मूल्यांकन हेतु भू-स्थानिक दृष्टिकोण” नामक विशेष परियोजना का हिस्सा है। इस परियोजना का संचालन स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (एसपीए), भोपाल के सेंटर ऑफ अर्बन प्लानिंग फॉर कैपेसिटी बिल्डिंग (सीयूपीसीबी) द्वारा किया । इस कार्यक्रम में नगर तथा ग्राम निवेश विभाग, उज्जैन स्मार्ट सिटी लिमिटेड, उज्जैन नगर निगम, मानवविकास स्कूल के शिक्षक व दिव्यांग छात्र, अर्बन मास ट्रांजिट कंपनी के विशेषज्ञ, तथा वास्तुकला और नियोजन संस्थानों के शिक्षक व विद्यार्थी उत्साहपूर्वक शामिल हुए। कार्यक्रम का नेतृत्व विरासत संरक्षण विशेषज्ञ प्रो. विशाखा कवठेकर (टीम लीडर) और शहरी नियोजन विशेषज्ञ क्षमा पुनतांबेकर (उप-टीम लीडर) कर रहे हैं। समन्वय की जिम्मेदारी काकोली साहा (प्रमुख अन्वेषक, शहरी व क्षेत्रीय नियोजन एवं जीआईएस विशेषज्ञ) के पास है। उन्हें वरिष्ठ वास्तुविद एवं अभिगम्यता विशेषज्ञ रचना खरे (सह-प्रमुख अन्वेषक) का सहयोग प्राप्त है। कार्यक्रम की शुरुआत एसपीए भोपाल की शोध सहयोगी सुचिता सिंह द्वारा स्वागत भाषण से हुई, जिन्होंने विशेष रूप से उज्जैन जैसे विरासत-समृद्ध शहरों में समावेशी, सुलभ और सतत शहरी नियोजन की आवश्यकता पर बल दिया। इसके बाद प्रो. रचना खरे द्वारा संवादात्मक सत्र आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शहरी विकास पेशेवरों, नीति निर्माताओं और दिव्यांग समुदाय के सदस्यों को एक साथ लाकर यह जानना है कि भू-स्थानिक तकनीकों और डेटा-आधारित नियोजन के माध्यम से विरासत नगरों में सार्वभौमिक सुलभता और समावेशी ढांचा कैसे सुनिश्चित किया जा सकता है। दो दिवसीय इस कार्यक्रम में तकनीकी सत्र, सुलभता ऑडिट से सीख, सुलभता उपकरणों के साथ अनुकरण अभ्यास और संवादात्मक गतिविधियाँ शामिल हैं, जिनका उद्देश्य उज्जैन के सार्वजनिक स्थलों और ट्रांजिट नेटवर्क में समावेशी डिजाइन को एकीकृत करना है। #उज्जैन, #समावेशी_विकास, #शहरी_योजना, #EDP2025, #विरासत_नगर, #डिजिटल_शहर FacebookTwitterWhatsAppTelegramLinkedIn en_US
dc.language.iso other en_US
dc.publisher इंटीग्रेटेड ट्रेड en_US
dc.relation.ispartofseries 73;
dc.subject उज्जैन, en_US
dc.title उज्जैन में समावेशिता पर कार्यकारी विकास कार्यक्रम प्रारंभ (Executive Development Programme on Inclusiveness begins in Ujjain) en_US
dc.type Other en_US


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